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Tuesday, 20 August 2019

NIOS D El Ed अभ्यर्थी नहीं बन सकते सरकारी शिक्षक

इन दिनों बिहार समाचार पत्र की एक कटिंग बहुत तेजी के साथ वायरल हो रही है जिसमें लिखा है कि *NIOS D El Ed अभ्यर्थी नहीं बन सकते सरकारी शिक्षक।*
सभी एनआईओएस डी एल एड डिग्री धारी ध्यान दें |  दोस्तो इन दिनों बिहार समाचार पत्र की एक कटिंग बहुत तेजी के साथ वायरल हो रहे हैं जिसमें लिखा है कि nios-d.el.ed अभ्यर्थी नहीं बन सकते सरकारी शिक्षक अब जब किसी इस डिग्री क्या स्थिति पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है तो भ्रम बस नर्वस कटिंग को खुद एनआईओएस डीएलएड अभ्यार्थी वायरल कर के प्रश्न पूछने में लगे हुए हैं |

  जबकि ऐसी पोस्ट करके आप सब कुछ नहीं चाहते कि आपका एनआईओएस डीएलएड कोर्स वैध माना जाए | आज तक ऐसी उहापोह निराशा किसी और मैं देखी नहीं गई जितना एनआईओएस डीएलएड धारको में देखा जा रहा है | जब आपको अपने ही कोर्स और 2 साल की मेहनत पर भरोसा नहीं तो दूसरा क्या कर सकता है |

 दोस्तों बचपन में हम सब ने एक कहानी पढ़ी थी ,एक पशुपालक रोज मजे लेने के लिए शेर आया शेर आया का झूठ बोलता था 1 दिन सच में शेर आ गया था इसी तरह हम रोज पोस्ट करते हैं एनआईओएस D.El.Ed अभ्यार्थी नहीं बन सकते सरकारी शिक्षक मुझे डर है कि कहीं झूठ 1 दिन सच ना हो जाए | क्योंकि सरकार को तो बस एक मौका चाहिए और सरकार भी देख रही है कि जब डिग्री धारी खुद को ही आयोग मान बैठे हैं तो इन अयोग्य घोषित करना ही सही होगा|

कमाल यह है आरटीआई रिपोर्ट बिहार से निकलकर पूरे देश में पहुंच जाती है जिस आरटीआई में यह कहीं भी नहीं लिखा है कि एनआईओएस डीएलएड डिग्री धारी अध्यापक भर्ती के लिए अयोग्य है या अध्यापक भर्ती में प्रतिभाग नहीं कर सकते हैं उस आरटीआई को आधार बना रेगुलर बीएड बीटीसी वालों ने समाचार पत्रों में प्रकाशित कर दिया है , की एनआईओएस डीएलएड डिग्री धारी अध्यापक परीक्षा में प्रतिभागी नहीं हो सकते हैं ।

 और सरकारी अध्यापक नहीं बन सकते हैं इस ख़बर के आते ही एनआईओएस डीएलएड डर डर कर जितने भी संबंधित ग्रुप है उसमें दिन भर दनादन पोस्ट करने पर लगे हैं , वह बिहारी समाचार पत्र रोज इतने घरों में नहीं पढ़ा जाता है उससे कहीं ज्यादा उसकी एक कटिंग पूरे देश में वायरल हो जाती है|  और उस कटिंग को वायरल करने वाला खुद एनआईओएस डीएलएड डिग्री धारी है |

 बड़ी शर्म की बात है रेगुलर B.Ed बीटीसी वालों का उड़ता हुआ तीर बेवकूफी से हमने खुद ही अपने सीने पर ले लिया | आपको यह क्यों नहीं समझ में आता है कि एनआईओएस डीएलएड एमएचआरडी और एनसीटीई अप्रूव्ड है | एनआईओएस D.El.Ed के लिए आपने 2 साल और कम से कम 20 से ₹30000 खर्च किए हैं सनद रहे कि बीटीसी B.Ed भी सरकारी सीट पर करने से लगभग इतना ही खर्च आता है |

 एनआईओएस D.El.Ed विज्ञापन में साफ लिखा है कि > एनआईओएस डीएलएड डिग्री धारी नौकरी के लिए देशभर में कहीं भी आवेदन कर सकता है | -एनआईओएसडीएलएड D.El.Ed वाले अभ्यार्थी रेगुलर बीटीसी बीएड अभ्यर्थियों की तरह अपने विद्यालय में सूक्ष्म अध्यापन टी एल एम एस बी ए डब्लू बी ए जैसी गतिविधियों में कुशलता पूर्वक प्रतिभाग किया है |
 याद रहे रेगुलर बीएड बीटीसी वालों ने शिक्षामित्रों पूरी योग्यता रखने पर भी सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ लड़ते रहे हैं |  जब तक कि सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द नहीं कर दिया रेगुलर B.Ed बीटीसी वाले कभी नहीं चाहेंगे कि आप की डिग्री वैद्य मानी जाए | इसलिए उनके इशारे पर पेपर्स कटिंग को फॉरवर्ड करना बंद कर दे | ऐसे तमाम चीजें है जोया दर्शाते हैं एनआईओएस डीएलएड अभ्यार्थी रेगुलर बीएड बीटीसी अभ्यार्थियों की तरह योग्यता रखते हैं |

 और आने वाली अध्यापक भर्तियों में प्रतिभाग करने की योग्यता भी रखते हैं| और अगर भविष्य में सरकार कहती है कि एनआईओएस डीएलएड नहीं है तो सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता साफ हो जाएगा जहां पर मुझे विश्वास है कि हमें न्याय जरूर मिलेगा | लेकिन अभी ध्यान बनाकर यथा स्थिति पर नजर रखते हुए भविष्य की शिक्षक भर्तियों की तैयारी कीजिए और आप खुद में एक विश्वास पैदा कीजिए कि आप योग्य है | ईश्वर आपके साथ है| बस आप लोगों से गुजारिश है कि आप सब या समाचार पत्र कटिंग का प्रचार ना करें अन्यथा आप सब का रास्ता खुद ही बंद हो जाएगा |

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